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IUCTE: ग्लोबल साउथ के 19 देशों के शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग, 17 से 24 मार्च के बीच दी जाएगी जानकारी

Mon, 17 Mar 2025 04:14 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में ‘एम्पावरिंग एजुकेटर्स इन द ग्लोबल साउथ’ की थीम पर प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इस दौरान ग्लोबल साउथ के 19 देशों के शिक्षकों को ट्रेनिंग मिलेगी। तीन से आठ साल तक के बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण मिलेगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में ग्लोबल साउथ के शिक्षकों को बाल्यकाल और प्रारंभिक शिक्षा की ट्रेनिंग मिलेगी। 17 से 24 मार्च के बीच कुल 19 देशों के शिक्षकों को सोशल एंड इमोशनल लर्निंग एंड डिजिटल पेडागोजी विषय की पूरी जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम की थीम एम्पावरिंग एजुकेटर्स इन द ग्लोबल साउथ है।

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आईयूसीटीई के साथ ही विदेश मंत्रालय के भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम, बीएचयू और यूनेस्को के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट इस कार्यक्रम के आयोजन मंडल में शामिल हैं। ये जानकारी रविवार को आईयूसीटीई में निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने पत्रकारों को दी। 

उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम खास तौर से तीन से आठ साल तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए है। इसमें भारत से 50 से अधिक शिक्षक शामिल होंगे। वहीं बांग्लादेश, भूटान, कैमरून, इथियोपिया, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, केन्या, मलयेशिया, मॉरीशस, मोजाम्बिक, नेपाल, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, सेशेल्स, तंजानिया, थाईलैंड, ट्यूनिशिया, उज्बेकिस्तान और युगांडा के शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे।

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इफेक्टिव स्ट्रेटजी बनाना सीखेंगे शिक्षक

इस कार्यक्रम में ‘डिजिटल शिक्षक : डिजिटल एजुकेशन की एक आधारशिला’ की थीम पर कार्यशाला होगी। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षण मंच के माध्यम से सतत व्यावसायिक विकास का प्रशिक्षण मिलेगा। यह कार्यक्रम शिक्षकों को इफेक्टिव स्ट्रेटजी बनाना और लागू करना भी सिखाएगा। यूनेस्को एमजीआईईपी, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. ओबिजियोफोर अगिनम ने कहा कि डिजिटल एजुकेशन को सोसाइटी और इमोशन के साथ जोड़कर हम शिक्षकों को समावेशी, लचीला और तकनीकी तौर पर दक्ष भी बना सकते हैं। यह पहल ग्लोबल साउथ में शिक्षा प्रणालियों को नया आकार देगा।
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