अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में ग्लोबल साउथ के शिक्षकों को बाल्यकाल और प्रारंभिक शिक्षा की ट्रेनिंग मिलेगी। 17 से 24 मार्च के बीच कुल 19 देशों के शिक्षकों को सोशल एंड इमोशनल लर्निंग एंड डिजिटल पेडागोजी विषय की पूरी जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम की थीम एम्पावरिंग एजुकेटर्स इन द ग्लोबल साउथ है।
आईयूसीटीई के साथ ही विदेश मंत्रालय के भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम, बीएचयू और यूनेस्को के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट इस कार्यक्रम के आयोजन मंडल में शामिल हैं। ये जानकारी रविवार को आईयूसीटीई में निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने पत्रकारों को दी।
उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम खास तौर से तीन से आठ साल तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए है। इसमें भारत से 50 से अधिक शिक्षक शामिल होंगे। वहीं बांग्लादेश, भूटान, कैमरून, इथियोपिया, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, केन्या, मलयेशिया, मॉरीशस, मोजाम्बिक, नेपाल, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, सेशेल्स, तंजानिया, थाईलैंड, ट्यूनिशिया, उज्बेकिस्तान और युगांडा के शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे।