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UP: अग्रसेन कॉलेज में निकाले गए शिक्षकों ने राज्यपाल को बताई हकीकत, फैसले का इंतजार; कुलसचिव ने लिखा लेटर

Fri, 31 Jul 2026 05:50 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज से निकाले गए शिक्षकों ने राज्यपाल से मिलकर अपनी समस्या बताई। मामले में कुलसचिव ने प्रबंधक को पत्र भेजकर हाईकोर्ट और कुलपति के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शासन के निर्देशों की अनदेखी पर नाराजगी जताई गई है। शिक्षकों को अब अगले फैसले का इंतजार है।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज से पिछले वर्ष निकाले गए शिक्षकों के मामले में राजभवन ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी। वहीं, कॉलेज से निष्कासित शिक्षिका डॉ. श्वेता सिंह की ओर से जून में राजभवन को भेजी गई शिकायत पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। कुलाधिपति के निर्देश पर काशी विद्यापीठ के कुलसचिव ने कॉलेज प्रबंधक से जवाब तलब किया है।

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पिछले वर्ष कॉलेज से 29 कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया था, जिनमें 16 शिक्षक शामिल थे। इसके बाद से सभी शिक्षक बहाली की मांग को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस बीच हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में काशी विद्यापीठ के कुलपति ने 30 जून को आदेश जारी कर कॉलेज प्रशासन को शिक्षकों को पुनः कार्य पर रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन शिक्षकों का आरोप है कि अब तक आदेश का पालन नहीं किया गया।

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बुधवार रात शिक्षकों ने कुलपति और कुलसचिव की मौजूदगी में राजभवन के अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद कुलसचिव ने कॉलेज प्रबंधक को पत्र जारी कर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कुलपति के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

इसके अलावा 27 जुलाई को जारी एक अन्य पत्र में डॉ. श्वेता सिंह की शिकायत के आधार पर कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर विस्तृत आख्या मांगी गई है। शिकायत में महाविद्यालय के संचालन को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के उल्लंघन सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। वहीं, राजभवन स्तर पर मामले में सक्रियता बढ़ने और कुलाधिपति की नाराजगी सामने आने के बाद माना जा रहा है कि कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जल्द ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
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