पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के तौर पर मंगलवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। गुरु शिष्य परंपरा को पल्लवित और पोषित कर रहे शहर के सभी विद्यालयों में शिक्षक दिवस पर कहीं शिक्षकों का सम्मान हुआ तो कहीं शिक्षकों के सम्मान में सांस्कृतिक आयोजन हुए।
दिल्ली पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस पर पद्मश्री प्रह्लाद टिपनियाजी का कबीर भजन हुआ। उन्होंने कबीर वाणी में गुरु महिमा बताई। ...मत कर मान गुमान, जो घर जाले आपना, इस घट अंतर बाग बगीचे जैसे सूफी भजनों से मुग्ध कर दिया।
ऐसे ही सेठ एमआर जैपुरिया स्कूल बाबतपुर में शिक्षक दिवस मनाया गया। यहां शिक्षकों ने रैंप पर कैट वॉक किया। शिक्षकों ने ही नृत्य संगीत की प्रस्तुतियां दीं। हैप्पी मॉडल स्कूल के सिगरा शाखा में शिक्षक दिवस पर स्कूल के सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इसी तरह इंटरनेशनल हिंदू स्कूल नगवां में शिक्षक दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। बच्चों ने नाटक के माध्यम शिक्षा और शिक्षक के महत्व को समझाया। एजूकेशनल वर्ल्ड बजरडीहा में भी शिक्षक दिवस मनाया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार को शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
यहां आराजीलाइन के सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की उपस्थिति में 31 मार्च को सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनरव्हील क्लब नार्थ उदया की ओर से मंगलवार को भोगाबीर लंका में शिक्षक दिवस मनाया।
क्लब ने उन सदस्यों को सम्मानित किया जो स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रही हैं। इनरव्हील क्लब ऑफ वाराणसी नार्थ की सदस्यों ने मंगलवार को तीज और शिक्षक दिवस की खुशियां एक साथ मनाईं। एक ओर जहां कजरी गीतों पर नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुतियां हुईं, वहीं प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों की शिक्षिकाओं का सम्मान भी हुआ।
ये वो शिक्षिकाएं थीं जिन्हें बच्चों की कसौटी पर परखा गया था, यानी उन्हें सम्मानित करने के लिए बच्चों ने ही उनका चयन किया था।तीजोत्सव में सदस्यों ने नृत्य संगीत के कार्यक्रमों के बीच ‘संस्कार’ लघु नाटिका का मंचन किया। संस्कार पर ही आधारित प्रश्नोत्तरी हुई।