मऊ में बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने सोमवार को मृतक आश्रित कोटे में भर्ती शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया। उस पर स्नातक की फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल करने का आरोप है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी रानीपुर को शिक्षिका के विरुद्घ रानीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया।
शीला सिंह रानीपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा गांव की रहने वाली है। पति मुन्ना सिंह की मौत होने पर शीला मृतक आश्रित कोटे के तहत सहायक अध्यापक के पद पर 2007 में भर्ती हुई थी। तब से रानीपुर ब्लाक के सादीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर तैनात थीं। कुछ दिनों पूर्व किसी ने बीएसए ओपी त्रिपाठी से शिकायत की कि शीला सिंह की स्नातक की मार्कशीट फर्जी है।
बीएसए ने इसकी जांच कराई तो आरोप सही निकला। इसके बाद बीएसए ने शीला को नोटिस जारी किया। 20 जून को बीएसए के सामने उपस्थित हुई शीला अपने पक्ष में कोई साक्ष्य नहीं दे पाईं। इस पर बीएसए ने सोमवार की शाम उन्हें बर्खास्त कर सूचना जिलाधिकारी को भेज दी।
बीएसए ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी रानीपुर को शीला के खिलाफ रानीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर उसकी कापी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले 12 से अधिक शिक्षकों की जांच चल रही है।