भारत में शिक्षकों का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। चाणक्य जैसे निर्माता रहे हैं। शिक्षक राष्ट्र का निर्माण करते हैं। ऐसे शिक्षकों को आज सम्मानित करने का अवसर मिलना मैं अपना सौभाग्य समझता हूं। ये बातें बुधवार को यातायात पुलिस लाइन सभागार में अमर उजाला की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान-2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहीं।
उन्होंने बताया कि पहले हमारे देश में होम ट्यूशन जैसी कोई चीज नहीं थी। बच्चे गुरुकुल में जाकर शिक्षा ग्रहण करते थे। गुरु सिर्फ किताबी शिक्षा ही नहीं देते थे बल्कि सामाजिक ज्ञान, रिश्ते, परंपराएं, कौशल आदि बहुत कुछ सिखाते थे। आज के दौर में हमें देश के विकास के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए हम शिक्षकों को ही प्रण लेना होगा कि हम बच्चों को हर तरीके की शिक्षा देने के साथ ही उन्हें संस्कार भी दें जिससे आगे चल के वे देश के निर्माण में अपनी भागीदारी दे सकें।
अमर उजाला की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वही शिक्षक आए हैं जो बच्चों के पसंदीदा हैं। ऐसा तभी संभव हो पाया है जब आपने बच्चों के प्रति अपनत्व दिखाया है। इस कार्यक्रम की खासियत है कि सभी शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर आए हैं और आज सम्मानित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में 60 हजार से अधिक बच्चों ने मतदान कर 100 से अधिक शिक्षकों का चयन किया। अमर उजाला की के इस कार्यक्रम में 300 लोग शामिल रहे। संचालन शुभम ने किया।