सम्मान समारोह का शुभारंभ करने के बाद सीईओ ने कहा कि यह पल भावुक कर देने वाला है। मैं अधिकारी हो गया लेकिन मुझे आज भी उतना सम्मान नहीं मिलता जितना गणित का शिक्षक होने के नाते मेरे पिताजी को मिलता था। पिता रात में लैंप जलाकर पढ़ते थे। उन्हें देख कर मैं भी पढ़ता था। जब मैंने यूपीएससी की परीक्षा दी तो उसका 50 फीसदी पाठ्यक्रम मैंने पहले ही पढ़ लिया था। उन्होंने पंचतंत्र की एक कहानी भी सुनाई।
कार्यक्रम के प्रायोजक व कैटजी के उप निदेशक अनुराग मोहंती ने कहा कि गुरुओं का समाज निर्माण में बड़ा योगदान है। अब जेन-जी का जमाना है। आगे और भी बदलाव आएंगे। शिक्षक 10 साल पहले से आने वाले 10 साल को देखते हैं। भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षकों पर समझाने का दायित्व होता है।
ये हैं प्रायोजक
कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता कैटजी और ज्वेलरी पार्टनर चेतमणि जेम्स एंड ज्वेल्स हैं। आईसेकी इंस्टीट्यूट, एएनजी आईडियल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, जेआरएस ट्यूटोरियल्स, श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज, रोमा बिल्डर्स, बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, सेठ एमआर जैपुरिया स्कूल, सिल्वर ग्रोव स्कूल और द स्कॉलर्स होम स्कूल का विशेष सहयोग है।