बुधवार को गंगा में गिरी थी टाटा सूमो
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गुरुवार की दोपहर तीन बजे सेतु निगम की क्रेन की मदद से बाहर निकाल लिया। सात घंटे तक चले अभियान में सूमो में फंसे दोनों बालकों करन व रोशन के शव भी बरामद हो गए। जबकि वाहन चालक दिनेश का शव देर शाम तक नहीं मिल सका था। बालकों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर, दो दिन में दो वाहनों के गंगा में गिरने के बाद प्रशासन ने पीपा पुल पर चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है।
कमांडेंट नवल कुमार सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ वाराणसी की दो टीमें गुरुवार को सुबह सात बजे वाराणसी से भटौली घाट पर पहुंचीं। पहले स्टीमर के माध्यम से गाड़ी को निकालने का प्रयास किया गया पर सफल न होने पर एसडीएम सदर अरविंद चौहान ने सेतु निगम की क्रेन मंगवाई।
तब वाहन को निकाला जा सका। बच्चों के शव देखते ही घाट पर मौजूद उसकी बहनें बिलख पड़ीं। एनडीआरएफ टीम ने बताया कि सूमो बहाव के कारण काफी गहराई में चली गई थी। मौके पर तहसीलदार विकास पांडेय, सीओ नगर संजय सिंह, देहात कोतवाल संजय राय, उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि बुधवार को वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव से मिर्जापुर आ रही सूमो भटौली पीपा पुल पर अनियंत्रित होकर गंगा में गिर पड़ी थी। जिसमें सवार भरतलाल को मछुवारों ने बचा लिया था जबकि चालक दिनेश व दो सगे भाई करन आठ वर्ष तथा रोशन छह वर्ष डूब गए थे।
प्रभारी डीएम प्रियंका निरंजन ने वाराणसी के एनडीआरएफ की टीम को गाड़ी व शवों को बाहर निकालने के लिए बुलवाया था।
दो बेटों की एक साथ निकली अर्थी
अर्जुनपुर गांव निवासी बिंद्रा के पिता लालचंद्र और मां जड़ावती की मृत्यु एक ही दिन हुई थी। दोनों की मृत्यु प्राकृतिक थी और एक साथ दोनों की अर्थी निकली थी। गुरुवार को बिंद्रा के दोनों बेटों की अर्थियां एक साथ निकली तो ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। सभी बिंद्रा के मां-बाप के बाद दोनों बच्चों की अर्थी साथ निकलने की चर्चा करते दिखे।
टेलीविजन बना काल, गंगा में समा गए तीन
सात घंटे तक चला खोजबीन अभियान
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मिर्जापुर के भटौली पांटून पुल से गंगा में सूमो के साथ डूबे रोशन (12) और करन (10) के शव गुरुवार को अर्जुनपुर स्थित उनके घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। बुनकर बिंद्रा कन्नौजिया की पत्नी गुड्डी अपने दोनों बेटों के शव देखते ही अचेत हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों भाइयों के लिए टेलीविजन काल बन गया।
काश, दोनों अपनी बहन के ससुराल में खराब हुआ टेलीविजन मरम्मत कराने के लिए लाने न गए होते तो यह हादसा न हुआ होता। हादसे में बिंद्रा के घर का चिराग बुझ गया। उसके बड़े बेटे गोलू की पांच वर्ष की उम्र में सूरत में हत्या कर दी गई थी जबकि रोशन और करन की गंगा में डूबने से मौत हो गई।
कपसेठी थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव निवासी कालीन बुनकर बिंद्रा कन्नौजिया ने आठ माह पूर्व अपनी बेटी नेहा की शादी मिर्जापुर जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के मझिगवा में की थी। नेहा को बावली बाजार से खरीदकर एक टेलीविजन दिया गया था और उसकी एक वर्ष की वारंटी थी।
नेहा ने अपनी मां गुड्डी को फोन कर बताया था कि टेलीविजन खराब हो गया है, उसकी मरम्मत करा दो। गुड्डी ने गांव के ही दिनेश राजभर की सूमो किराये पर लेकर दोनों बेटों करन और रोशन को बहन के घर से टेलीविजन लाने के लिए भेजा।
इसी दौरान बुधवार को भटौली पांटून पुल पर सूमो अनियंत्रित होकर गंगा में गिर गई। चालक और दोनों बच्चे डूब गए। गुरुवार को दोनों बच्चों का शव गांव पहुंचा तो परिवारीजनों के साथ ही ग्रामीण भी गमगीन हो गए। परिवारीजनों ने बताया कि पिता बिंद्रा रोजगार की तलाश में सूरत गया था।
बुधवार को उसे जैसे ही हादसे की जानकारी मिली वह गांव के लिए रवाना हो गया। बिंद्रा की पत्नी गुड्डी और बेटी सोनी की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उधर, रोशन और करन की मौत से उनके ककरहवा स्थित जीएस पब्लिक स्कूल का माहौल भी गमगीन दिखा। शोकसभा के बाद स्कूल में अवकाश कर दिया। दोनों यहां कक्षा छह और चार के छात्र थे।