माफिया मुन्ना बजरंगी के करीबी ठेकेदार मोहम्मद तारिक की हत्या की घटना के तार पूर्वांचल से जुड़े होने की आशंका ने पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। तारिक के परिवारीजनों ने रिटायर्ड डिप्टी एसपी जीएन सिंह, उनके बेटे प्रदीप सिंह समेत चार के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
परिवारीजनों का कहना है कि प्रदीप और मुन्ना बजरंगी कभी साथ थे। बाद में अनबन होने पर दोनों एक-दूसरे के करीबियों की हत्याएं कराने लगे। परिवारीजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने छानबीन तेज कर दी है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो एक शूटर के बारे में सुराग लगा है, जो घटना से जुड़ा हो सकता है। कभी बजरंगी गिरोह के लिए काम करने वाले बलिया निवासी इस शूटर का परिवार लंबे समय से बनारस में रहता है।
पिछले कुछ दिनों से उसने बजरंगी गिरोह से दूरी बना ली है और उसके विरोधियों से हाथ मिल लिया है। घटना की तह तक पहुंचने के लिए लखनऊ पुलिस के साथ वाराणसी पुलिस ने तथ्यों को साझा किया है।
अपनों में मनमुटाव के अलावा पुलिस ठेकेदारी की प्रतिद्वंद्विता, टेंडर विवाद और विवादित जमीनों की पंचायत जैसे पहलुओं पर भी छानबीन में जुटी है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक मिर्जापुर में करीब सात करोड़ रुपये मूल्य की विवादित जमीन पर तारिक की नजर थी।
इस पर पूर्वांचल के अन्य माफिया गुट भी नजरें गड़ाए हैं। जमीन हथियाने के लिए बजरंगी गिरोह कई बार पंचायत भी कर चुका था। तारिक ने करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया था। इससे प्रतिद्वंद्वी गुट खार खाए थे।