पूजापाठ के बहाने युवती से दुराचार करने के मामले में तांत्रिक को कोर्ट ने दोषी पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि में से आधी राशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है।
यह फैसला बुधवार को वाराणसी के अपर जिला जज पंचम रामचंद्र की अदालत ने सुनाई। मामले में दोषी मिर्जापुर के शुकुलहा कटरा निवासी तांत्रिक महेंद्र सोनकर को अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
कोर्ट में अभियोजन की तरफ से एडीजीसी ओमप्रकाश सिंह व वादी की तरफ से अधिवक्ता अंजना श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। प्रकरण के मुताबिक मूल रूप से इलाहाबाद की नैनी निवासिनी वादिनी ने 23 सितंबर 2016 को कैंट थाने में तहरीर दी थी।
तहरीर में कहा गया था कि वह वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में किराये पर कमरा लेकर एक पीजी कॉलेज में पढ़ती थी। पीड़िता की मुलाकात मिर्जापुर के शुकुलहा कटरा निवासी महेंद्र सोनकर नामक तांत्रिक से हुई।
पीड़िता को अपनी पढ़ाई के लिए पूजा कराना था। जिसके लिए उसने तांत्रिक महेंद्र सोनकर से बात की। महेंद्र ने उसे घर बुलाया। आरोप है कि घर आने के बाद महेंद्र सोनकर पीड़िता को गुमराह करने लगा और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त महेंद्र सोनकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोर्ट में अभियोजन की तरफ से चार गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने गवाहों के बयान व पीड़िता के मेडिकल रिपोर्ट में दुराचार की पुष्टि होने पर पर्याप्त आधार पाते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई।