वाराणसी के विकास भवन पर महामना मदनमोहन मोलवीय, तुलसीदास सहित सात महान विभूतियों के चित्र दिखेंगे। बीएचयू के छह छात्रों को यह प्रोजेक्ट दिया गया है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा।
बीएचयू के 6 छात्रों ने 5 दिन में पांच मंजिला ऊंचे स्कार्फ फोल्डिंग पर बैठकर काशी की सबसे ऊंची पेंटिंग उकेर दी है। कचहरी में पांच मंजिला विकास भवन पर 64 फीट ऊंची और 22 फीट चौड़ी पोट्रेट चित्रकारी बनाई गई है। इसमें काशी की सात महान विभूतियों को दिखाया गया है।
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बीएचयू के छात्र अक्षत मिश्रा ने वाराणसी विकास प्राधिकरण के दिए प्रोजेक्ट के तहत ये काम किया है। ये काम सात दिन में पूरा करना है। सोमवार को पांच दिन हो चुके हैं। इन चित्रकारी में गोस्वामी तुलसी दास, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, लाल बहादुर शास्त्री, गिरिजा देवी, रानी लक्ष्मी बाई, सितार वादक पंडित रविशंकर को उकेरा गया है।
चित्रकारी के क्रिएटिव हेड बीएचयू में दृश्य कला संकाय के फाइन आर्ट्स के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट अक्षत मिश्रा हैं। उनके साथ हर्ष सिन्हा, अरुण प्रजापति, अजीत दिवाकर, हिमांशु शर्मा और ऋतिक यादव ने मिलकर स्कार्फ फोल्डिंग के सहारे भवनों पर चढ़कर पेंटिंग की है। अक्षत मिश्रा ने कहा कि सीडीओ हिमांशु नागपाल ने प्रोजेक्ट दिया है। अब आगे काशी के घाटों की थीम पर ऐसी चित्रकारी की जाएगी।