कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात नौ बजे से नौ मिनट के लिए लाइट बंद कर दीए, मोमबत्ती, टार्च और मोबाइल की फ्लैश लाइट आदि जलाने का आह्वान किया है। उधर, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष इं. जीके मिश्र व ओबरा पिपरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं अदालत वर्मा ने कहा है कि एक साथ पूरे देश में घरों की बिजली 9 मिनट तक बंद होने और एक साथ चालू होने से नेशनल ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। लोग लाइट आफ करने के दौरान फैन, टीवी, फ्रीज, एसी, कूलर न बंद करें। और लाइट एक साथ नहीं कुछ अंतराल पर क्रम से आन करें।
पदाधिकारियों ने कहा है कि अगर नौ मिनट के लिए पूरे देश के सभी घरों की लाइट एक साथ बंद कर दी तो पूरी ग्रिड के ओवर फ्रीक्वेंसी पर असर होगा। इसका मतलब यह है कि 50 हर्ट्स से ज्यादा का जेनरेटिंग सिस्टम ट्रिप कर सकता है। इनका कहना है कि जुलाई 2011 में एक बार ऐसा हो चुका है, जब पूरे भारत में ग्रिड फेल हो गया था। पश्चिमी ग्रिड को छोड़कर, बाकी भाग में अंधेरा हो गया था और लगभग तीन दिन तक लगातार मशक्कत के बाद स्थिति ठीक हुई थी।
कहा कि ग्रिड फ्रीक्वेंसी पूरे भारत में 50 हर्ट्स है। न्यूनतम 48.5 हर्ट्स और अधिकतम 51.5 हर्ट्स तक के वेरिएशन को ग्रिड रीस्टोर कर लेता है परंतु इसके बाहर की फ्रीक्वेंसी पर नहीं। हमारे पॉवर ग्रिड सिस्टम में अचानक बिजली का लोड हटने पर फ्रीक्वेंसी बढ़ती है और अचानक लोड बढ़ने पर फ्रीक्वेंसी घटती है। भारत में इस समय सभी पॉवर प्लांट अपनी पूरी क्षमता के 77 प्रतिशत कम क्षमता पर काम कर रहे हैं, क्योंकि इस समय सब कुछ बंद है। सिर्फ घरेलू लोड है। अगर लोड और कम हुआ तो ग्रिड फेल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ग्रिड के मद्देनजर सभी देशवासियों से अपील है कि पॉवर अचानक डिप में न जाए, इसके लिए लाइट के अलावा फैन, टीवी, फ्रीज, एसी, कूलर इत्यादि उपकरण बंद न करें। समयावधि से 15 से 20 मिनट पहले से ही एक- एक करके लोड ऑफ करें। इन पदाधिकारियों ने यह भी कहा है कि कोई भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि किसी फीडर को शटडाउन करने के लिए विद्युत कर्मचारी पर दबाव न डालें।
नौ मिनट के बाद लाइट चालू भी एक-एक करके 15 से 20 मिनट की समयावधि में करें। यदि इन सुझावों का अनुपालन नहीं किया गया तो अचानक एक साथ लोड कटने से ग्रिड फेल हो सकता है और सप्लाई भी कई घंटे के लिए बाधित हो सकती है। उधर, अभियंता संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस समस्या से बचने के लिए पावर प्लांट और विद्युत उपकेंद्रों पर तकनीकी कर्मियों की रात आठ से दस बजे तक ड्यूटी भी लगाई गई है।