जमीन पर लगी इस विशेष टाइल में विशेष प्रकार का उभार होता है। इस पर नेत्रहीन दिव्यांगजन चलेंगे। जहां दाहिने या बाएं घूमना होगा, वहां बबल टाइल लगी होगी, जिसे वार्निंग टाइल भी कहते हैं। नेत्रहीनों के टाइल का रंग अन्य टाइल से अलग यानी पीले रंग का होगा, जिस पर आम यात्री न चलें। लिफ्ट के बटन में हर मंजिल के लिए ब्रेल लिपि में अंक अंकित होगा। वहीं दिव्यांग यात्रियों के लिए स्टेशनों पर रैंप और व्हीलचेयर की व्यवस्था रहेगी।
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साथ ही गोंडोला की सीट फोल्ड करके व्हील चेयर के साथ यात्री बैठ सकेंगे। रोपवे स्टेशनों पर बेबी रूम और फीडिंग रूम की व्यवस्था रहेगी, ताकि महिलाएं अपने शिशुओं का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में देखभाल कर सकें।