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पड़ताल: जब सरकारी कार्यालयों की व्यवस्था धड़ाम तो दूसरों की कैसे आस, जान जोखिम में डालकर कर रहे काम

Fri, 11 Feb 2022 09:57 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के कई सरकारी कार्यालयों के भवन जर्जर हो गए हैं। अगर जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी हादसे हो सकते हैं। 
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कचहरी परिसर में बने भवन की हालत खराब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के कई सरकारी कार्यालयों के भवन जर्जर हो गए हैं। स्थिति यह है कि यहां हमेशा हादसों का भय बना रहता है। यहां कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। कुछ भवनों की छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। खिड़की और दरवाजे भी बेकार हो गए हैं। अगर जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी हादसे हो सकते हैं। इस तरह की स्थिति तब है जब सरकारी आवासों की छतों के प्लास्टर गिरने, पानी टपकने आदि की खबरें भी सामने आती है। 

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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि  जिले के जिन सरकारी विभागों में आवास और कार्यालय जर्जर हैं, उनकी सूची बनवाई जा रही है। इसके जीर्णोद्धार के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। इसमें नियमानुसार भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी कराई जाएगी।

चिकित्सा प्रभारी आवास जर्जर, लटक रहा ताला
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवचंदपुर में बड़ागांव चिकित्सा प्रभारी का आवास जर्जर है। यह खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसके चारो ओर घास उगी है। यहीं कारण है कि यहां कोई रहने को तैयार नहीं है, ताला लटक रहा है। कर्मचारियों का आवास भी जर्जर हालत में हैं। इन आवासों में भूसा और गोबर रखा जा रहा है।

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जर्जर मालखाने में दस्तावेजों के खराब होने का खतरा

कचहरी परिसर में बने मालखाने की हालत भी ठीक नहीं है। वर्ष 1910 में बने इस भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि बाहर से इसकी दीवारें दरक रही हैं अंदर रखे दस्तावेजों के खराब होने का खतरा बना है। इसमें जरूरी कागजातों के साथ ही कुछ आभूषण भी रखे जाते हैं। इसका जीर्णोद्धार अब तक नहीं हो सका है। इस तरह की स्थिति तब है जब कचहरी परिसर में ही जिलाधिकारी और कमिश्नर का कार्यालय भी है।

उपकेंद्र इमलिया की दीवारें क्षतिग्रस्त, दरवाजा टूटा

चिरईगांव ब्लॉक में बना उपकेंद्र इमीलिया की भी स्थिति खराब है। इसकी दीवारें क्षतिग्रस्त है, दरवाजा भी टूटा है। पिंडरा के फूलपुर में जच्चा बच्चा केंद्र की हालत भी जर्जर हो गई है। जिससे डिलीवरी बंद चल रही है। क्षेत्र के थरी, मानी, देवापुर, फूलपुर कई गांव के लोगों को पिंडरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आना पड़ता है। चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर संतोष सिंह ने बताया कि इसकी सूचना विभाग को दे दी गई है।
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स्कूलों की हालत भी ठीक नहीं

परिषदीय विद्यालयों की दशा व दिशा बदलने के लिए सरकार भले ही प्रयास कर रही है, मगर कई विद्यालयों की हालत ठीक नहीं है। प्राथमिक विद्यालय जक्खिनी, शेख सलीम फाटक, पिसनहरिया, खरीकुआं प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन सहित दर्जनों ऐसे विद्यालय हैं, जिनकी स्थिति बदहाल है। कई जर्जर भवनों में पढ़ाई भी हो रही है। 
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