ठगी का एहसास होते ही आरोपी महिलाओं और बच्चों के साथ मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चकिया पुलिस हरकत में आई। एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी अर्जुन सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सर्विलांस और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर रविवार सुबह करीब 7:30 बजे बेलावर गांव के पीछे पहाड़ी क्षेत्र से सभी सात आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने ठगी की गई रकम में से 15.80 लाख रुपये बरामद कर लिए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उड़ीसा के रहने वाले घुमंतू गिरोह के सदस्य हैं और मदारी बनकर विभिन्न इलाकों में घूमते हैं। ये लोग पहले छोटी मात्रा में असली सोना देकर भरोसा जीतते थे, फिर बड़ी रकम लेकर नकली सामान थमाकर फरार हो जाते थे।
गिरोह लगातार स्थान बदलकर अलग-अलग क्षेत्रों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देता था।पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है और अन्य संभावित घटनाओं की भी जांच की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में चकिया थाना पुलिस और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही।
गिरफ्तार अभियुक्तों में गोविन्द प्रधान निवासी वेटरा भदरक देहात वानीकपुर उडीसा, विष्णु प्रधान निवासी वेटरा भदरक देहात वानीकपुर उडीसा, दुखबन्धु पटरा निवासी दनकारीशाही टमका फारेस्ट ब्लाक कैझर धनकारीसाही जजापुर उडीसा, सन्तोषी प्रधान निवासी दसमनिया जजापुर उडीसा, कंचन प्रधान निवासी वेटरा भदरक देहात वानीकपुर उडीसाख् सन्तोषी प्रधान निवासी दसमनिया जजापुर उडीसा और बोधई प्रधान निवासी वारागाडिया कोलिंग नगर जजापुर उडीसा हैं। एएसपी ने बताया कि इनपर विधिक कार्रवाई की जा रही है।