फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वर्वेद महामंदिर: आकर्षण का केंद्र होगा 125 पंखुड़ियों वाला नौ कमलाकार गुंबद, एक साथ 20 साधक कर सकेंगे योग

Thu, 14 Dec 2023 04:04 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

महामंदिर का ढाई लाख वर्गफीट फर्श भी श्वेत संगमरमर से सुसज्जित है। हर तल पर बाहर की ओर सैंडस्टोन से बने कुल 134 आध्यात्मिक संदर्भ लगाए गए हैं जिनमें महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संदेशों और भारत की सांस्कृतिक धरोहर को चित्र के माध्यम से उकेरा गया है।
विज्ञापन
स्वर्वेद महामंदिर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्वर्वेद महामंदिर विश्व का अद्वितीय आध्यात्मिक केंद्र है। 182 फीट ऊंचे और 80 हजार वर्गफीट क्षेत्र में निर्मित मंदिर में एक साथ 20 साधक योग और साधना कर सकेंगे। महामंदिर की दीवारों पर स्वर्वेद के दोहे, वेदों के मंत्र और संतों की वाणियों को सफेद मकराना संगमरमर पर उकेरा गया है। सात तल वाले महामंदिर के हर तल पर सद्गुरुदेव की संगमरमर की सुंदर मूर्ति सुसज्जित हो रही है। स्वर्वेद महामंदिर धाम के दरवाजे विश्व के सभी वर्ग-संप्रदाय के लिए खुले हैं। 

विज्ञापन


महामंदिर के भीतर 404 खंभों और छह मंचों पर जीवंत नक्काशी की गई है। भीतर की छतों पर नक्काशीदार गुंबद हैं। छत पर नक्काशीदार लकड़ी व कांच की कलाकृतियां भी हैं। महामंदिर का ढाई लाख वर्गफीट फर्श भी श्वेत संगमरमर से सुसज्जित है। हर तल पर बाहर की ओर सैंडस्टोन से बने कुल 134 आध्यात्मिक संदर्भ लगाए गए हैं जिनमें महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संदेशों और भारत की सांस्कृतिक धरोहर को चित्र के माध्यम से उकेरा गया है। सबसे ऊपर के तल पर 238 क्षमता वाले दो अत्याधुनिक ऑडिटोरियम हैं। महामंदिर के भूतल में सत्संग भवन और साधना के लिए गुफाओं का निर्माण किया गया है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए दो कैप्सूल लिफ्ट सहित चार लिफ्ट महामंदिर में लगाए गए हैं।

शीर्ष पर हैं 125 पंखुड़ियों वाले नौ कमलाकार गुंबद
महामंदिर के शीर्ष पर गुजरात से मंगाए गए और जीआरसी तकनीक से बने 125 पंखुड़ियों वाले नौ कमलाकार गुंबद हैं। राजस्थान के बंसीपहाड़पुर से मंगाए गए तीन लाख घनफीट सुंदर गुलाबी सैंडस्टोन की नक्काशीदार कलाकृतियों के जरिये भी आध्यात्मिक संदेश दिए गए हैं। बाहरी झरोखों पर 132 ऋषियों-ऋषिकाओं और साधकों की भी मूर्तियां लगी हैं। महामंदिर के प्रांगण में सुंदर बगीचा भी विकसित किया जा रहा है। परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ड्रिप इरिगेशन आदि आधुनिक तकनीकों का उपयोग हुआ है।
विज्ञापन


लगेगी स्टैच्यू ऑफ स्प्रिच्युएलिटी
स्वर्वेद महामंदिर धाम के परिसर में ही विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरुदेव की 135 फीट से भी ऊंची मूर्ति का निर्माण होना है। इसे अध्यात्म की मूर्ति या स्टैच्यू ऑफ स्प्रिच्युएलिटी के नाम से जाना जाएगा। स्वर्वेद महामंदिर धाम अनेक समाज-कल्याण परियोजनाओं का भी केंद्र है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें