महंत शंकर पुरी ने बताया कि धनतेरस के दिन निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। पांच दिनों तक श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा, मां भूमि देवी, महालक्ष्मी और महादेव के रजत विग्रह के दर्शन कर सकेंगे। धनतेरस पर इस बार बहुत ही शुभ योग निर्मित हो रहा है। देश में समृद्धि रहेगी और कोष भरा रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त में भोर में माता का पूजन व आरती के बाद खजाने की पूजा की जाएगी। वर्ष में सिर्फ चार दिन भक्तों को दर्शन का अवसर मिलता था, लेकिन लगातार दूसरे वर्ष भी पांच दिन स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे।
धनतेरस पर भक्तों को बांसफाटक से होते हुए गेट नंबर एक ढुंढिराज से मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर में बनी अस्थायी सीढि़यों से होते हुए स्वर्णमयी माता के दर्शन कर श्रद्धालु कालिका गली से बाहर निकलेंगे। बांसफाटक से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग कराई जा रही है। प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के लिए कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। कंट्रोल रूम के जरिये निगरानी की जाएगी। जगह-जगह सेवादार तैनात रहेंगे और सभी दर्शनार्थियों को सुगम दर्शन का इंतजाम रहेंगे। धनतेरस से अन्नकूट तक श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी।