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Gyanvapi: स्वामी निश्चलानंद सरस्वती बोले- ज्ञानवापी में शिवलिंग पर संशय नहीं, मक्का को मक्केश्वर मंदिर घोषित किया जाए

Wed, 01 Jun 2022 04:18 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि ज्ञानवापी में शिवलिंग ही है। वो आदि विशेश्वर हैं। पूरी काशी ही शिवलिंग है, किसी को संशय नहीं होना चाहिए। 
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स्वामी निश्चलानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चार दिवसीय प्रवास पर बुधवार को काशी पहुंचे गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्च्छलानंद सरस्वती ने कहा कि ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग आदि विश्वेश्वर हैं। इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा में ताजमहल नहीं तेजोमहल और मक्का में मक्केश्वर महादेव हैं। इन्हें हिंदुओं को सौंप देना चाहिए।

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अस्सी स्थित मठ में पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य ने कहा कि पूर्वजों ने जो गलतियां की, उसे सुधारने का वक्त आ गया है। ज्ञानवापी समेत अन्य बिंदुओं पर मुस्लिम समाज को सहिष्णुता का परिचय देना चाहिए। कहा कि वे पहले से कह रहे हैं कि ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग ही आदि विश्वेश्वर हैं, जो आज सच साबित हुआ है।

मुस्लिम समाज को देना चाहिए सहिष्णुता का परिचय

ज्ञानवापी से जुड़े एक सवाल के जवाब में स्वामी निश्च्छलानंद सरस्वती ने मुस्लिम समुदाय से अपील के साथ सलाह देते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों के मानवाधिकार हनन के लिए उठाए कदम को आदर्श न मानें। मुस्लिम समाज को अपने पूर्वजों की गलतियों को मानकर सहिष्णुता का परिचय देना चाहिए। ज्ञानवापी को पूर्व स्वरूप में लाना चाहिए।

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मानवाधिकार की सीमा में कार्य करने से विश्व की कोई भी शक्ति हमें इससे वंचित नहीं कर सकती। स्वामी निश्च्छलानंद सरस्वती ने एलान किया कि मंदिरों को संरक्षित करने के लिए काशी में तमाम शंकराचार्यों, प्रमुख पीठों के महंत एवं धर्माचार्यों का सम्मेलन भी आयोजित करेंगे। इस मौके पर प्रो. विदेंश्वरी प्रसाद मिश्र, रूपेश पांडेय, राजीव झा, डॉ. पद्माकर दुबे आदि लोग मौजूद रहे।
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