अस्सी स्थित डुमराव बाग कॉलोनी में सुमेरू पीठ में पशुराम जयंती पर मार्यापण करते साधुसंत । अमर उ
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अक्षय तृतीया को प्रकट हुए भगवान परशुराम का पूजन-अर्चन सोमवार को भी हुआ। अस्सी स्थित डुमराव बाग कॉलोनी में स्थित श्रीकाशी सुमेरुपीठ में भगवान परशुराम का पूजन हुआ। पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में सहस्त्रार्चन कर विधिवत पूजा की गई। भगवान परशुराम के यंत्र का 10 हजार गुलाब, गेंदा और कुमकुम के पुष्पों से विशेष पूजन किया गया।
नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान परशुराम ने अत्याचार और दमनकारी शक्तियों के विरुद्ध अस्त्र उठाकर धर्म और मानवता की रक्षा की थी। आज समय आ गया है कि हम उनके आदर्शों पर चलकर सनातनी आपसी मतभेदों को त्यागकर एकता के सूत्र में बंध जाएं। इस मौके पर प्रभाकर त्रिपाठी, बालक चैतन्य महाराज, माधवानंद महाराज, श्रवण देव आश्रम, सरोजानंद सरस्वती आदि मौजूद रहे।
श्री राजस्थान ब्राह्मण मंडल ने मीरघाट में उल्लास के साथ परशुराम जी का प्राकट्य महोत्सव मनाया। वेदमूर्ति शास्त्री ने भगवान परशुराम की विधिवत पूजा कर आरती उतारी। सभी विप्रों ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। 2000 गिलास नींबू शिकंजी का वितरण किया गया। चौबेपुर क्षेत्र के नरायनपुर में भगवान परशुराम का पूजन हुआ। गांव में मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। यह मंदिर नर्मदेश्वर महादेव एवं शिव परिवार को समर्पित रहेगा। पूजन में पंचदशनाम अखाड़ा परिषद के महंत अवधूत गिरि, अवनीश पाठक, दिलीप राजभर, शिवनाथ यादव, जयप्रकाश चौबे, रविंद्र यादव, अनिल यादव, कैलाश यादव आदि मौजूद रहे।