Varanasi News: वाराणसी में स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि काशी में मंदिर तोड़े जाने की बात करना निचले स्तर की राजनीति है। यहां पर कोई मूर्ति नहीं टूटी है।
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। कॉरिडोर के अंदर कुंभ महादेव और मणिकर्णिका घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। मणिकर्णिका विवाद पर मीडिया से बातचीत कर कहा, मैंने खुद मणिकर्णिका घाट जाकर देखा है। वहां कोई मूर्ति नहीं तोड़ी गई है। एआई से तस्वीर बनाकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मणिकर्णिका घाट एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। ऐसे में वहां सुविधाओं का विस्तार और व्यवस्थित विकास जरूरी है। सरकार इसी उद्देश्य से निर्माण कार्य करा रही है, जो काशी की परंपरा और गरिमा के अनुरूप है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के दौरान भी इसी तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं, लेकिन आज वही परियोजना काशी के विकास का उदाहरण बन चुकी है।
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अविमुक्तेश्वरानंद पर की टिप्पणी
प्रयागराज संगम तट पर अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा किए जा रहे अनशन पर टिप्पणी करते हुए जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि श्रद्धालुओं और बटुकों को आगे कर इस तरह की गतिविधियां करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस मार्ग को प्रशासन ने बंद किया था, वहां बैरिकेडिंग तोड़कर जाने का औचित्य क्या है।
आयुष मंत्री ने मणिकर्णिका के उठे विवाद पर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने सोशल मीडिया पर मणिकर्णिका घाट को लेकर उठे विवाद पर भी स्थिति स्पष्ट की है। कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार मां गंगा के पावन घाटों और सनातन परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध है। दूसरी ओर कांग्रेस पर दशकों की उपेक्षा को छिपाने के लिए भ्रम फैलाने और विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया।
स्पष्ट किया कि मणिकर्णिका घाट पर मसाननाथ मंदिर, महाकाल मंदिर, तारकेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी मंदिर सुरक्षित हैं। उन्हें किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। सोशल मीडिया पर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि मंदिरों को क्षति पहुंचाई जा रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि केवल दाह-संस्कार से जुड़ी सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है।
मणिकर्णिका घाट पर 17.56 करोड़ की लागत से रैंप, वुड प्लाजा, व्यूइंग एरिया, बेहतर एक्सेस पाथ, रुफटॉप और वीआईपी सीटिंग जैसी आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और श्रद्धालु हितैषी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना की नींव 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी, जिसे 2026 तक पूर्ण किया जाना है। परियोजना को रुपा फाउंडेशन की ओर से सीएसआर फंड से किया जा रहा है।
मणिकर्णिका को लेकर आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को विरोध दर्ज कराया। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि हर जिले में आप कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का सड़कों पर उतरना भाजपा सरकार के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि आस्था, इतिहास और विरासत पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता इसका करारा जवाब देगी। रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो पदयात्रा के पांचवें दिन जंसा चौराहे से पदयात्रा, गोपालपुरा, कोरोता होते हुए लहरतारा में होटल बैंक्वेट एंड लॉन में भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि इस योजना की आत्मा को ही कमजोर कर दिया गया है। आम आदमी पार्टी गांव-गांव तक रोजगार की गारंटी की लड़ाई लड़ेगी।