परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने भक्तों से अपील की है कि कोरोना वायरस से भयभीत न हों। आपकी मजबूत इच्छाशक्ति ही इस अदृश्य महामारी से जीत दिलाएगी। महाराष्ट्र के पालघर स्थित आश्रम से जारी संदेश में उन्होंने अपने भक्तों से वैमनस्यता और भेदभाव भूलकर एक होने की भी अपील की है।
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स्वामी अड़गड़ानंद ने अपने संदेश में कहा है कि धर्म ही जीवन जीने की कला सिखाता है और यही जीवन की आचार संहिता है। धरती के भगवान डॉक्टर हैं, नर्स व अन्य चिकित्साकर्मी मानव सेवा के माध्यम से स्वयं के लिए मोक्ष के द्वार खोल लेते हैं। इसलिए उनके साथ किसी भी तरह का अमानवीय व्यवहार न करें।
परमहंस स्वामी ने साथ ही कहा कि आप चाहे जिस पंथ और सम्प्रदाय के हों, इस विकट परिस्थिति में साथ मिलकर गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों की सेवा कर पुण्य अर्जित करें। यथार्थ गीता में भी यही कया गया है कि मानव सेवा सर्वश्रेष्ठ है।
उन्होंने सभी से अपील की है कि सरकार के लॉकडाउन के नियमों का पालन करके मानव जाति की यथांसभव मदद करें। अपने तन-मन से नकारात्मकता को दूर करें, इच्छाशक्ति को बढ़ाएं और महामारी से डटकर लड़ें।