वाराणसी। ‘सोलर इंपल्स-2’ का काशी पड़ाव इस पूरे अभियान को आध्यात्मिक ऊर्जा देगा। यह कहना है कि बगैर ईंधन के दुनिया के सफर पर निकले स्विस विमान के चालक आंद्रे बोर्शबर्ग का। बुधवार की रात ‘सूर्य दूत’ के चौथे पड़ाव लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बाबतपुर पर उतरने के बाद खुशी से उनके मुंह से यह उद्गार निकला।
अहमदाबाद से सुबह सात बजे उड़े इस विमान ने बनारस तक की 1071 किलोमीटर की दूरी 82 किलोमीटर की औसत रफ्तार से 13 घंटे में तय की। हालांकि पायलट बोर्शबर्ग ने अहमदाबाद से उड़ान भरने के दौरान ट्विट कर 15 घंटे में वाराणसी पहुंचने की जानकारी दी थी मगर रास्ते में हवा अनुकूल होने और मौसम साफ होने की वजह से यह सफर 13 घंटे में ही पूरा हो गया।
अक्षय ऊर्जा का संदेश देने निकला ‘सूर्य दूत’ रात आठ बजे एयरपोर्ट पहुंच गया मगर उसे लैंड कराने में 35 मिनट लग गए। 53 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने तीन चरणों में इस विमान की लैंडिंग कराई।
सोमनाथ की धरती से विश्वनाथ की धरती पर पहुंचे विमान की अगवानी भारत में स्विटजरलैंड के राजदूत लाइनस वान केस्टरमूर ने की। उधर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्विट करके कहा कि इस प्राचीनतम में आपका स्वागत है। मैं आपके आगे की यात्रा के लिए शुभकामना देता हूं।
हवाई अड्डे पर टीम का स्वागत करने के लिए महापौर रामगोपाल मोहले, स्थानीय विधायक अजय राय, कमिश्नर आरएम श्रीवास्तव, डीएम प्रांजल यादव, एसएसपी जोगेंद्र कुमार व एयरपोर्ट के निदेशक एसके मल्लिक, स्विस दूतावास से जुड़े इंद्रनील बसु, रुचिता जिंदल मौजूद थे।
वीआईपी लाउंज में 39 जीटीसी के आर्मी बैंड ने धुन बजाकर चालक दल का अभिनंदन किया। यह विमान गुरुवार की सुबह 5:30 बजे बाबतपुर से म्यांमार के मेंडले एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरेगा। बनारस से म्यांमार के लिए इस विमान को बट्रेंड पिकार्ड लेकर उड़ेंगे। बाबतपुर एयरपोर्ट पर उतरने से पहले विमान ने एयरपोर्ट का तीन चक्कर लगाया। स्वागत समारोह के बाद विमान के पायलट आंद्रे बोर्शबर्ग मीडिया के सामने आए और उन्होंने अपने सफर की यादों को साझा किया।