लेजर तकनीक से अलग-अलग सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी
डॉ. यशस्वी ने बताया कि लेजर तकनीक से मरीज को दो अलग-अलग सर्जरी करने की जरूरत नहीं पड़ी। यह तकनीक न केवल कम आक्रामक है, बल्कि इससे मरीज की रिकवरी भी जल्दी होती है। लेजर सर्जरी से खून की कमी भी होती है और अस्पताल में रहने की अवधि भी घटती है, जिससे मरीजों को जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
टीम में इनका रहा योगदान
सर्जरी टीम का डॉ. उज्जवल कुमार और डॉ ललित कुमार ने किया। साथ ही सर्जरी टीम में डॉ. अविरल और डॉ. मदन भी शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अरविंद और नर्सिंग स्टाफ भगवान ने भी सहयोग किया।
बीएचयू में पहली बार 9 महीने के बच्चे की लेजर तकनीक से सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी। लेजर सर्जरी की सुविधा शुरू होने से मरीजों को भी बड़ी सहूलियत हो रही है। जरूरत के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। ताकि जटिल सर्जरी भी आसानी से हो सके। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू