धुरंधर हास्य महोत्सव का लुत्फ उठाते दर्शक।
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद एक-एक करके महाखड़मंडलेश्वर, महालंठेश्वर, महाझूठेश्वर, महालूटेश्वर सहित डिजिटल बाबा,क्रिटिकल बाबा, टेक्निकल बाबा, इजी बाबा, बीजी बाबा और लेजी बाबा की उपाधि दी गई। इसके बाद मंचासीन कवियों और जनता ने सामूहिक रूप से पिपिहरी बजाकर नववर्ष का स्वागत किया।
कवि रुद्रनाथ त्रिपाठी ने हाथ जोड़ूं, पैर पकड़ूं और पटकूं माथा, इंस्टा पर फेसबुक पर लिखूं तेरी गाथा...का पाठ किया तो पूरा मुक्ताकाशीय मंच हंसी के ठहाकों के साथ तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हरिकेश प्रताप सिंह, उमेश कुमार जायसवाल ने मिमिक्री के जरिये श्रोताओं को गुदगुदाया।
हास्य कवि डॉ. नागेश शांडिल्य ने बताया कि पिछले 20 सालों से धुरंधर हास्य महोत्सव का आयोजन हो रहा है। धन्यवाद ज्ञापन जनार्दन शांडिल्य ने किया। इस दौरान नजर इलाहाबादी, रामकिशोर तिवारी, आनंद श्रीवास्तव, मुक्तेश्वर पाराशर, दिव्य प्रकाश राय आदि ने काव्य पाठ किया।
कौशल किशोर मिश्र स्मृति सोशल मीडिया इंटरटेनमेंट अवाॅर्ड डॉ. अनुराग टंडन को वर्ष 2025 का पं. धर्मशील चतुर्वेदी स्मृति धुरंधर हास्य सम्मान हास्य कवि वंशीधर मिश्र को, पं. हरिराम द्विवेदी स्मृति लोककवि सम्मान कवि बदरी विशाल को, पं. चंद्रशेखर मिश्र स्मृति ओज सम्मान कवि रामकिशोर तिवारी को तथा पं. श्रीकृष्ण तिवारी स्मृति गीत सम्मान कुमार बृजेंद्र को दिया गया। कौशल किशोर मिश्र स्मृति सोशल मीडिया इंटरटेनमेंट अवाॅर्ड डॉ. अनुराग टंडन को दिया गया।