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वित्त विभाग से जुड़े मामले तुरंत निपटाएं, समय से करें भुगतान

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वित्त विभाग से जुड़े मामले तुरंत
निपटाएं, समय से करें भुगतान
- सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक में वित्तमंत्री बोले- अनावश्यक बिलों पर आपत्ति न लगाएं अधिकारी
- लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। प्रदेश के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने अधिकारियों को वित्त विभाग से जुड़े मामलों का समय से निस्तारण करने का निर्देश दिया। सर्किट हाउस में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों की फाइलों पर अनावश्यक आपत्ति न लगाने, भुगतान में देरी न करने, पेंशनरों के मामले शीघ्र निपटाने और समय-समय पर इसकी मॉनीटरिंग करने को कहा।
पेंशनरों की फाइलों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों में पारदर्शिता बरती जाए। पेंशनरों की समस्या निस्तारित न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बिलों पर अनावश्यक आपत्ति लगाकर विलंब न किया जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त विभाग के अधिकारियों से लंबित मामलों की जानकारी ली और अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन लक्ष्मी शुक्ला से पेंशन स्वीकृति, नगर निगम, वन, वीडीए, सहकारिता, खाद्य एवं रसद आदि विभागों के अधिकारियों को वित्तीय मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने और बेहतर कार्यप्रणाली के लिए सुझाव भी लिए। इस दौरान मुख्य कोषाधिकारी शिवराम, संयुक्त निदेशक कोषागार अखिलेश पाठक, कोषाधिकारी तेज बहादुर सिंह, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक एपी राय, विकास प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक अमित श्रीवास्तव, खाद्य एवं रसद के वित्त नियंत्रक बृजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मंत्रियों के इनकम टैक्स भरने का कदम सराहनीय
वित्त मंत्री ने प्रदेश के मंत्रियों को इनकम टैक्स खुद भरने के सरकार के फैसले को सराहा है। रविंद्रपुरी स्थित पीएम संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुनवाई के दौरान 30 समस्याओं को सुनकर उसका त्वरित निस्तारण किया गया। कुछ ऐसे शिकायती पत्र थे, जिन्हें लेकर लखनऊ जा रहे हैं और वहां से संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर इसका निस्तारण कराएंगे। इसकी एक कॉपी शिकायतकर्ता को भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां तक मंत्रियों के इनकम टैक्स रिटर्न की बात है तो कांग्रेस के कार्यकाल में 1981 में यह एक्ट बना था, जिसमें मंत्रियों के वेतन, अन्य भत्तों आदि पर जो इनकम टैक्स लगता था, वह सरकार देगी। यह सुनने में भी अटपटा लगता है। जब हर कोई अपना खुद टैक्स भरता है तो मंत्रियों को भी अपना टैक्स भरना होगा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेकर शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी है। अब इसे समाप्त किया जाएगा।
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प्रमाण पत्र के लिए लगा रहे चक्कर, नहीं हुई सुनवाई
- जनसुनवाई में मंत्री के सामने श्यामलाल ने बताई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। पीएम के संसदीय कार्यालय में सुरेश खन्ना जनसुनवाई के लिए बैठे थे तो विभिन्न जगहों से आए लोग अपने हाथों में पत्र लेकर खड़े थे। इस बीच कतुआपुरा विश्वेश्वरगंज निवासी श्याम लाल यादव पहुंचे और लोकतंत्र सेनानी का प्रमाण पत्र न दिए जाने की शिकायत की। कहा कि जिलाधिकारी को पत्र देने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि उनके बाद दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई हो गई और लोगों को जिलाधिकारी कार्यालय से प्रमाण पत्र भी मिल गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराकर तत्काल श्यामलाल को प्रमाण पत्र जारी कराने का निर्देश दिया।
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किरहिया खोजवा से आए लोगों ने सफाईकर्मी द्वारा सफाई नहीं करने की शिकायत की7 नगर निगम के सुपरवाइजर पद पर कार्यरत विनोद पाठक, प्रदीप श्रीवास्तव, प्रेम शुक्ला ने वेतन विसंगति ग्रेड पे 2800 प्रस्ताव पास कराने की मांग की। सिगरा छित्तूपुर निवासी नरेश उत्तम ने सीवर समस्या की शिकायत की। रामनगर रस्तापुर के विनोद विश्वकर्मा ने जमीन पर कब्जा होने तो अर्दली बाजार की गीता बिनानी ने इलाज के लिए सहायता राशि की मांग की। वित्त मंत्री ने अधिकारियों को समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने को कहा।
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