खराब मौसम के बावजूद जन स्वाभिमान रैली में हजारों की भीड़ जुटाकर अपना दल की अध्यक्ष सांसद अनुप्रिया पटेल ने भाजपा को अपनी सियासी ताकत का अहसास कराया। पार्टी संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती पर आयोजित रैली में जुटी भीड़ से उत्साहित अनुप्रिया ने मंच से यूपी को समाजवाद और बहुजनवाद से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव में वे यूपी में दलित बनाम पिछड़ा (बसपा बनाम सपा) की नूराकुश्ती को बेनकाब करके रहेंगी।
अनुप्रिया ने जगतपुर डिग्री कॉलेज के मैदान पर आयोजित रैली में कहा कि 20 साल में सपा-बसपा ने यूपी को लूटा है। कोई दलितों का हितैषी रहा तो कोई पिछड़ों का। पिछड़ों के आरक्षण के सवाल पर सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा ने पिछड़ों की भावनाओं से खिलवाड़ किया। यूपी की किसी को चिंता नहीं रही। उन्होंने जोशीले अंदाज में कहा, सीएम अखिलेश बताएं कि आईटीआई, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले यूपी के कितने छात्रों को उनकी सरकार ने नौकरी दी। कहा कि सच्चाई यह है कि डकैती, हत्या, बलात्कार, गुंडागर्दी, अराजकता ही अखिलेश सरकार की पांच साल की उपलब्धि है। ऐसी सरकार को हम 2017 के चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देंगे।
अनुप्रिया ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर जोरदार हमला बोला। कहा कि मायावती का भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है। पिछड़ों, दलितों और अति दलितों में भेदभाव पैदा कर वे अपना खजाना भर रही हैं। समाज के शोषित और वंचित तबके के उद्धार की उन्हें तनिक भी चिंता नहीं है। उन्होंने कुर्मी बिरादरी का मन टटोलते हुए कहा कि सोनेलाल पटेल का खून उनकी रगों में दौड़ रहा है। वे पिता की राजनीतिक विरासत संभालने को तैयार हैं। सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।