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शिखर पर लगेंगे नए स्वर्ण पत्तर

Sun, 03 Jul 2016 02:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर पर नए स्वर्ण पत्तर लगाए जाएंगे। शिखर की भार वहन करने की क्षमता संबंधी सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की उत्साहजनक रिपोर्ट आने बाद न्यास परिषद ने शनिवार को यह निर्णय लिया। बाबा दरबार में अब पुजारी, कर्मचारी और सेवादार अनुबंध पर रखे जाएंगे। विश्व कल्याण के लिए मंदिर परिसर में यज्ञशाला बनेगी और अतिरुद्र महायज्ञ होगा। इसके अलावा देवालय शुल्क बढ़ाने के साथ ही मंदिर के विकास और संचालन से जुड़े कई प्रस्तावों को परिषद की बैठक में मंजूरी दी गई।
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मंडलायुक्त सभागार में शनिवार को दोपहर बाद तीन बजे से शुरू हुई न्यास परिषद की बैठक में विश्वनाथ मंदिर की कई अहम योजनाओं पर चर्चा की गई। पहली बार मंदिर में 11-11 महीने के अनुबंध पर पुजारी, कर्मचारी और सेवादारों को रखने का निर्णय लिया गया। जो कर्मचारी, पुजारी या सेवादार इस समय काम कर रहे हैं अगर वे अनुबंध करेंगे तो उनके मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। अनुबंध का प्रारूप बनाकर प्रमुख सचिव न्याय को भेजने पर सहमति बनी। बाबा के स्वर्ण शिखर की मरम्मत काम काम दो दिन के भीतर शुरू कराने का निर्णय लिया गया।

विश्व कल्याण के लिए मंदिर परिसर में अतिरुद्र महायज्ञ कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए यज्ञशाला बनाई जाएगी। 1982 में पहली बार आचार्य अशोक द्विवेदी ने महारुद्र यज्ञ मंदिर परिसर में कराया था, इसके बाद परंपरा बाधित हो गई थी। अब फिर शुरू कराया जाएगा। मंदिर के शिखर और भंडार गृह के बीच का छज्जा हटाने का भी निर्णय लिया गया, ताकि शिखर पर पड़ रहे भार कम किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण,  प्रमुख सचिव न्याय, डीएम विजय किरण आनंद, न्यास सदस्य प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, राज मालवीय, प्रदीप कुमार बजाज, प्रभारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमपी सिंह, एसीईओ पीएन द्विवेदी मौजूद थे। अध्यक्षता न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने की।
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