छात्रों ने लगाया थप्पड़ मारने का आरोप, चीफ प्रॉक्टर ने किया खारिज
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चीफ प्रॉक्टर बोलीं, परिसर के कार्यक्रम में बिना बुलाए पहुंच गए थे छात्र माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में चीफ प्रॉक्टर को हटाने के लिए छात्र पंत प्रशासनिक भवन के सामने सोमवार को धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर ने प्रचार कर रहे छात्र को थप्पड़ मार दिया। आक्रोशित छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ धरना दिया और पद से हटाने की मांग की। वहीं, चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों के आरोप को बेबुनियाद बताया। वहीं, अधिकारियों के समझाने के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया। काशी विद्यापीठ के पंत प्रशासनिक भवन के सामने छात्रों के धरने को देख मौके पर विद्यापीठ चौकी के पुलिसकर्मी और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम तैनात कर दी गई। छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर अड़े रहे। छात्रों ने आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह आए दिन अभद्र व्यवहार करती हैं। छात्र विकास मणि पाल ने बताया कि शनिवार को वह एलबीएस छात्रावास के बाहर खड़े थे। इसी दौरान वहां चीफ प्रॉक्टर पहुंची। आरोप है कि जैसे ही वह उनके पैर छूने के लिए झुके, चीफ प्रॉक्टर ने थप्पड़ जड़ दिया। विकास ने कारण पूछा तो उन्होंने कहा इसका जवाब कुलपति देंगे। सूचना मिलते ही अन्य छात्र नेता धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि थप्पड़ मारने की घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई है।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह ने बताया कि शनिवार को गांधी अध्ययन पीठ सभागार में एक संगठन का आयोजन था। कुछ छात्र वहां भोजन करने पहुंच गए। आयोजकों ने सूचना दी तो प्राॅक्टोरियल बोर्ड की टीम के साथ मौके पर पहुंची। छात्रों से आयोजन में घुसने का कारण पूछा और वहां से जाने को कहा। इस दौरान एक छात्र नेता से विवाद भी हुआ था। इसके बाद सोमवार को विश्वविद्यालय खुलने पर छात्र धरने पर बैठ गए। विरोध प्रदर्शन में अभिषेक मिश्रा, शिवम यादव, विकास मणिपाल, उज्जवल चौरसिया, पीयूष पांडेय आदि रहे।