-बीएचयू केंद्रीय ग्रंथालय में शोध प्रकाशन पर हुई कार्यशाला बीएचयू के केंद्रीय ग्रंथालय की ओर से हुई कार्यशाला में अकादमिक प्रकाशन, शोध कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विद्यार्थियों को शोध कार्यों में समीक्षात्मक प्रक्रिया को शामिल करना चाहिए। समीक्षात्मक प्रक्रिया शोध को और ज्यादा सुदृढ़ बनाती है। समीक्षक बिना किसी व्यक्तिगत पहचान या अपेक्षा के अपने सुझाव देते हैं।
बीएचयू के कुलपति ने कहा कि शोध प्रकाशन संपूर्ण शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा की जीवनरेखा है। उन्होंने विद्यार्थियों व युवा शोधार्थियों को समीक्षकों की टिप्पणियों पर गंभीरता से विचार करने, प्रासंगिक सुझावों को आत्मसात करने की सलाह दी। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया के प्रमुख देबोत्तम भट्टाचार्जी ने कहा कि हर प्रकाशित शोधपत्र की शुरुआत एक साधारण शोध विचार से होती है। तकनीकी सत्रों में प्रो. चंचल गिलोत्रा, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने अकादमिक प्रकाशन के विभिन्न पहलुओं में शोध पत्रिका चयन, प्रकाशन नैतिकता, समीक्षात्मक प्रक्रिया, शोध की दृश्यता के बारे में बताया। स्वागत ग्रंथालयी डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह, धन्यवाद ज्ञापन उप-ग्रंथालयी डॉ. जवाहर लाल ने किया।