यहीं नहीं माता सीता की तस्वीर पर भी एक महिला का चेहरा लगा दिया था। मामले की जानकारी के बाद से ही छात्र नाराज हो गए। केंद्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन कर छात्रों ने कुलपति से संबंधित शिक्षक को तत्काल निलंबित करते हुए मामले की जांच कराने की मांग पर अड़े रहे।
इसको लेकर वह कुलपति से मिलना चाह रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने तत्काल शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की। चीफ प्रॉक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर छात्र माने। इस दौरान छात्र मृत्युंजय तिवारी आजादी, अधोक्षज पांडेय, पतंजलि पांडेय, अभिषेक सिंह, वैभव तिवारी, उत्कर्ष द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
भगवान राम की तस्वीर की जगह अपना चेहरा लगाने वाले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए छात्रों ने लंका थाने में तहरीर देकर गिरफ्तारी की मांग की है। छात्रों के एक समूह ने दृश्य कला संकाय पहुंचकर वहां विरोध में जमकर हंगामा मचाया। छात्रों का कहना है कि इस तरह के कृत्य से जहां धार्मिक भावना आहत होती है, वहीं विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है।
ऐसे लोगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई होना जरूरी है। विश्वविद्यालय में लगातार कुछ समय से सनातन धर्म के आराध्य , मूल प्रतीकों व मान्यताओं व मूल्यों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ रहता है।