बीएचयू प्रशासन ने फिरोज को खुद संकाय चुनने की छूट दे दी है। वहीं, आंदोलन करने वाले छात्रों का कहना है कि नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो वह मंगलवार से होने वाली परीक्षाओं का बहिष्कार करेंगे।
एसवीडीवी के बाद डॉ. फिरोज का आयुर्वेद और कला संकाय के संस्कृत भाषा विभाग में भी चयन हुआ है। अब वह संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में ही रहते है या नए विभागों में से किसी एक को चुनते हैं, यह फैसला उन्हें एक महीने के अंदर करना होगा। नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही एक महीने की डेडलाइन भी शुरू हो जाएगी।
एसवीडीवी में पांच नवंबर को साक्षात्कार के बाद छह को जारी परिणाम में डॉ. फिरोज खान को असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त कर दिया गया। सात नवंबर को वह संकाय में ज्वाइन करने वाले थे, तभी छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। इस बीच 29 नवंबर को आयुर्वेद संकाय के संहिता एवं संस्कृत विभाग और चार दिसंबर को कला संकाय के संस्कृत विभाग में उन्होंने साक्षात्कार दिया और वह वहां भी चयनित हुए।