उन्होंने अपने गांव में बालू पर सुशांत सिंह राजपूत की खूबसूरत आकृति उकेर दी। इसे देख कर युवाओं के आंखों से आंसू छलक पड़ रहे हैं। स्वयं रूपेश ने भी रुंधे गले से कहा कि रेत पर आकृति के जरिये उन्होंने अपने प्रिय अभिनेता को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है।
रूपेश ने कहा कि सुशांत देश के उभरते हुए हीरो थे। ऐसे नायक जो देश और दुनिया को अच्छा संदेश देते हैं, वही लोग खुदकुशी करने लगेंगे तो बाकी दुनिया का क्या होगा। चाहे जैसा भी माहौल रहा हो, सुशांत को जान नहीं देनी चाहिए थी।