कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि रजागंज चौकी प्रभारी अभिनव गुप्ता ने जानकारी दी कि समनापुर पीथापुर निवासी रमेश यादव एक फैक्ट्री में कर्मचारी हैं। रमेश यादव ने पूछताछ में बताया कि वह पत्नी मंजीता यादव और बेटे दिव्यांशु के साथ सिकंदरपुर स्थित सरकारी कॉलोनी में रहते हैं।
दिव्यांशु एमजेआरपी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र है। वह पिछले एक साल से शास्त्रीनगर चौराहे स्थित अकादमी में ताइक्वांडों का प्रशिक्षण ले रहा था। बताया कि रविवार शाम करीब 6.20 बजे कोच का फोन आया। उन्होंने दिव्यांशु को कुछ फॉर्म भरने के लिए भेजने को कहा।
इस पर रमेश ने बेटे को कोच के पास जाने के लिए कहा। दिव्यांशु साइकिल लेकर घर से निकल गया। काफी देर तक दिव्यांशु अकादमी नहीं पहुंचा तो कोच ने रमेश को फोन कर इसकी जानकारी दी। पिता को लगा कि बेटा दुर्गा पूजा के पंडाल में रुक गया होगा। इसके बाद उन्होंने महुआबाग, सिंचाई विभाग चौराहा, मिश्र बाजार और लाल दरवाजा समेत कई जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
रात करीब 8:45 बजे कोच के मोबाइल पर पुलिसकर्मी का फोन आया। इसके बाद कोच ने रमेश को सूचना दी। पिता मौके पर पहुंचे तो वीर अब्दुल हमीद सेतु पर बेटे की साइकिल और स्टैंड पर काॅपी मिला है। कॉपी पर कोच का मोबाइल नंबर और आई लव यू सर लिखा था। हालांकि, छात्र पुल तक कैसे पहुंचा और इसके बाद कहां गया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पिता के मुताबिक, दिव्यांशु को जम्मू-कश्मीर में ताइक्वांडों प्रतियोगिता खेलने जाना था।
रविवार रात वाराणसी से उसकी ट्रेन होने की बात थी। हालांकि, प्रतियोगिता कहां होनी थी और किस स्तर पर उसका चयन हुआ था, इसकी विस्तृत जानकारी परिवार को नहीं है। रमेश ने बताया कि पिछले कई दिनों से बेटा परेशान दिखाई दे रहा था। उसे बार-बार फोन आते थे, लेकिन पूछने पर वह कुछ नहीं बताता था।
पिता को आशंका है कि फोन करने वाला कोई व्यक्ति उसे परेशान कर रहा था और पैसों की मांग से जुड़ी भी कोई बात हुई थी। रमेश यादव ने बताया कि कोच अब्दुल मलिक खान ने पहले दिव्यांशु से एक हजार रुपये मांगे थे। बेटे ने रकम भेज दी थी। पिता के अनुसार, इसके बाद यह पैसा किसी दूसरे लड़के को ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई। रविवार को कोच का फोन आने के बाद ही उन्होंने बेटे को अकादमी जाने के लिए कहा था।
रमेश ने आशंका जताई कि बेटा किसी के साथ चला गया हो या कोई उसे अपने साथ ले गया हो। हालांकि, अभी तक इस आशंका की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। एनएचएआई से सीसीटीवी का डीबीआर मंगाकर खंगाला जा रहा है।