वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इतिहास विभाग में शोध प्रवेश में अनियमितता की शिकायत के बाद कारवाई न होने के विरोध में केंद्रीय कार्यालय के पास भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों में से एक छात्र सदान उस्मानी की तबीयत रविवार को बिगड़ गई।
मौके पर मौजूद प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों की सूचना पर एंबुलेंस के साथ पहुंची स्वास्थ्य टीम ने उसे बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसने दवा लेने से इनकार कर दिया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। छात्रों ने इतिहास विभाग के गेट पर पांच दिन तक धरना दिया था।
उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई के आश्वासन पर ही उन्होंने धरना समाप्त किया था। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। शनिवार शाम से चल रही हड़ताल के दौरान अब तक कोई उच्च अधिकारी बातचीत करने नहीं आया। इधर, हड़ताल पर बैठे छात्रों में प्रिंस उपाध्याय, मिथिलेश कुमार, शिखर श्रीवास्तव, रिशु कुमार आदि ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगों पर लिखित कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।