काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार को पुरानी रंजिश को लेकर दो छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। विश्वनाथ मंदिर से लेकर छात्र स्वास्थ्य संकुल और फिर ट्रामा सेंटर में मारपीट और हंगामा हुआ। इस दौरान मारपीट में तीन छात्र घायल हुए, जिसमें से एक ही हालत गंभीर बनी है। सूचना के बाद पुलिस और बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
सूबह के समय बीएचयू में उस वक्त अफरातफरी की स्थिति मच गई जब विश्वनाथ मंदिर पर बीएचयू और डीएवी के दो छात्र गुट आपस में भिड़ गए। बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम भी इन दोनों गुटों में मारपीट हुई थी। गुरुवार की सुबह एक बार फिर से डीएवी बीए प्रथम वर्ष के छात्र ऋषभ त्रिपाठी और मितेश पटेल बीएचयू कैंपस पहुंच गए और विश्वनाथ मंदिर के पास बीएचयू के निलंबित छात्र विशाल रघुवंशी को पीट दिया। इसके बाद विशाल के दोस्तों ने मितेश और ऋषभ पर हमला बोल दिया। मौके पर पहुंची प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम व वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी घायल छात्रों को छात्र स्वास्थ्य संकुल लेकर आए। इतने में विशाल के दोस्त वहां भी पहुंच गए। वहां पर भी उन्होंने जबरदस्त हंगामा किया।
कमरा नंबर एक जहां पर घायल छात्रों का प्राथमिक उपचार चल रहा था, उस कमरे का दरवाजा तोड़कर वो अंदर घुसना चाह रहे थे लेकिन प्राक्टोरियल बोर्ड ने उन्हें किसी तरह वहां से भगाया। इसके बाद जब इन दोनों छात्रों को ट्रामा सेंटर लाया गया तो वहां भी एक गुट पहुंच गया। हालांकि यहां भी सुरक्षाकर्मियों ने लाठी पटक कर उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान लंका समेत तीन थानों की फोर्स ट्रामा सेंटर पर पहुंच गई थी। चीफ प्राक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह का कहना है कि वर्चस्व के चलते ये घटना घटी है। फिलहाल माहौल सामान्य है। तीनों ही घायलों का ट्रामा सेंटर में उपचार कराया गया है। इसमें ऋषभ को ज्यादा चोटें आईं हैं। एसओ लंका संजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि छात्रों के दोनों गुटों की ओर से तहरीर दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।