अपने दोस्त शशांक और किशन के साथ हेमंत मुलाकात के लिए रवि सिंह के घर के पास उसके पार्किंग कंपाउंड में कमरे में गया। वहां हेमंत की दायीं कनपटी पर गोली मार दी गई। कमरे में हेमंत और रवि सिंह थे। गोली चलते ही रवि सिंह आनन-फानन में हेमंत को अपने वाहन से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से पुलिस रवि सिंह को पकड़ कर कैंट थाने ले गई। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि पिस्टल के साथ रवि सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। हेमंत के एक साथी सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।
शिवपुर थाने में अधिवक्ताओं ने किया हंगामा
अधिवक्ता कैलाश चंद्र वर्मा के पुत्र की गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना पाकर दीवानी कचहरी और पिंडरा तहसील के अधिवक्ता शिवपुर थाने पहुंच गए। सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
पुलिस अफसरों ने सभी को समझाया कि मुख्य आरोपी रवि सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। तब जाकर अधिवक्ता शांत हुए। इस बीच शिवपुर थाने में रात नौ बजे तक गहमागहमी की स्थिति रही।
उधर, रवि सिंह की गिरफ्तारी से पहले उसके पिता और बड़े भाई को पुलिस हिरासत में लेकर कैंट थाने ले आई। इसकी जानकारी पाकर रवि के पिता और बड़े भाई के समर्थक व करीबी कैंट थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। रवि की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पिता और बड़े भाई को छोड़ दिया।
एक छात्रा के संबंध में समझाने के लिए बुलाया था
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रवि सिंह ने बताया कि उसके स्कूल की ही एक महिला स्टाफ ने उससे शिकायत की थी। उनका कहना था कि हेमंत उनकी बेटी को परेशान करता है। उन्होंने हेमंत को समझाने और हिदायत देने के लिए उससे कहा। रवि सिंह ने कहा कि हेमंत को वह अच्छे से जानता था, इसलिए उसे बुलाया था।
हेमंत अपने दो दोस्तों के साथ आया। रवि ने कहा कि पार्किंग कंपाउंड में बने कमरे में हेमंत से बातचीत करने पर उसने कहा कि वह उस लड़की के बगैर नहीं जी पाएगा। इसके साथ ही वह इधर-उधर की बात करने लगा। रवि सिंह को कहीं जाना था तो उसने अपने ड्राइवर से कहा कि पिस्टल लेकर आओ। ड्राइवर ने पिस्टल लाकर दी। रवि ने कहा कि उसकी पिस्टल लोड रहती है। ड्राइवर ने पिस्टल दी तो उसने उसे टेबल पर रख दिया और अचानक हेमंत ने पिस्टल उठाकर अपनी कनपटी पर गोली मार ली।
मां और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल
हेमंत की हत्या के बाद उसकी मां आशा देवी, भाई विशाल व हर्षित और बहन डाॅली का रो-रोकर बुरा हाल था। हेमंत की मां को परिजन बड़ी ही मुश्किल से संभाले हुए थे। उधर, शिवपुर थाने में अधिवक्ता कैलाश चंद्र वर्मा को उनके साथी संभाले हुए थे। अधिवक्ता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ने में अच्छा था और उसके किसी किस्म के विवाद की शिकायत कभी उन तक नहीं आई थी।