बीएनएस की धारा में 2025 में मामला दर्ज हुआ। अदालत ने सुनवाई की और एक महीने में ही सजा सुना दी। जून में धीरज कुमार राठौर ने नाबालिग से दुष्कर्म किया था। अदालत ने चार जुलाई को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। बीएनएस के तहत सजा पाने वाली यह वाराणसी की पहली पत्रावली बनी थी।
लंका थाने की पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके एक महीने के अंदर ही अदालत ने जुगनू उर्फ भरत को दोषी करार दिया और उसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 2021 में सामने आया था।
मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में 2024 में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया। पुलिस ने बीएनएस के तहत इरफान के खिलाफ मामला दर्ज किया और विवेचना पूरी करके अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अदालत ने 45 दिन में सुनवाई पूरी की और इरफान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
पाॅक्सो से जुड़े मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना हमारी प्राथमिकता है। पुलिस टीम ने प्रभावी साक्ष्य संकलन और समयबद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दोषियों को सजा दिलवाने में भूमिका निभाई है। ऐसे मामलों में पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त