तनावमुक्त परीक्षा में अतिथियों ने छात्रों को परीक्षा से जुड़े तनाव, उसके लक्षण और उससे निपटने की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में बताया। बताया कि परीक्षा के दिनों में मन को शांत और संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है।
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव से मुक्त रखने और सकारात्मक वातावरण देने के उद्देश्य से अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे ‘तनावमुक्त परीक्षा’ अभियान के तहत बृहस्पतिवार को मदरलैंड पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जितेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए परीक्षा से जुड़े तनाव, उसके लक्षण और उससे निपटने की वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिनों में मन को शांत और संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए छात्र नियमित दिनचर्या बनाकर पढ़ाई करें और माता-पिता बच्चों को भावनात्मक सहयोग दें, ताकि वे स्वयं पर भरोसा बनाए रख सकें।
स्कूल के संस्थापक समीर खन्ना ने बताया कि परीक्षा नजदीक आने पर तनाव और चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन सही योजना और समय प्रबंधन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। विद्यार्थियों को अध्ययन का टाइम-टेबल बनाकर सभी विषयों पर समान ध्यान देना चाहिए। जो विषय कठिन महसूस हों, उन पर थोड़ा अधिक समय दें और पढ़ाई के बीच पर्याप्त अंतराल रखें, ताकि दिमाग थकान से मुक्त रह सके। उन्होंने संतुलित आहार लेने, रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करने और अध्ययन के दौरान अनुकूल माहौल बनाए रखने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि जो छात्र समय रहते तैयारी शुरू कर देते हैं, उनमें तनाव की आशंका कम होती है। जबकि अंतिम समय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अक्सर आत्मविश्वास की कमी और असंगत तैयारी के कारण अधिक दबाव महसूस करते हैं। परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने के बाद छात्रों को प्रश्नपत्र ध्यानपूर्वक पढ़ने, समयबद्ध तरीके से उत्तर लिखने और सरल प्रश्नों से शुरुआत करने की भी सलाह दी गई।