गंगा में मलजल गिरने से रोकने के लिए दीनापुर में एसटीपी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही नए एसटीपी का निर्माण भी किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मियाद पूरी कर चुकी दीनापुर एसटीपी के पास ही 150 एमएलडी क्षमता का नया एसटीपी बनेगा।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंता विकेश ने बताया कि दीनापुर में 80 और 140 एमएलडी के दो एसटीपी काम कर रहे हैं। इसमें 80 एमएलडी एसटीपी की मियाद पूरी हो चुकी है। इसके समीप ही 150 एमएलडी क्षमता की एसटीपी बनाई जाएगा। शहर से निकलने वाले मलजल का ट्रीटमेंट नहीं होने की वजह से अनट्रीटेड मलजल वरुणा में जाता है। शहर के विकास और जनसंख्या दबाव को ध्यान में रखकर मलजल ट्रीटमेंट की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए डेनमार्क के विशेषज्ञ दल ने मंगलवार को दीनापुर एसटीपी का निरीक्षण किया। विशेषज्ञ दल ने एसटीपी की क्षमता वृद्धि करने के साथ नए एसटीपी निर्माण की तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की। नगवा नाले पर निर्मित एसटीपी पर मलजल का दबाव कम करने के लिए भगवानपुर में भी एसटीपी निर्माण की कवायद शुरू हो गई है।