दुर्गा नाले पर बनने वाले एसटीपी को लेकर जल निगम तैयारियां करने लगा है। पानी को शोधन की क्षमता को बढ़ा दिया गया है। इस पानी को वरुणा नदी में गिराया जाएगा।
STP Plant in Varanasi: नवविस्तारित इलाकों के नाले का गंदा पानी अब सीधे वरुणा नदी में नहीं जाएगा। इसके लिए दुर्गा नाले पर एसटीपी बनाने का काम जल निगम की ओर से शुरू किया जाएगा। इससे सीवर शोधन की क्षमता 432 से बढ़कर 492 एमएलडी हो जाएगी।
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60 एमएलडी सीवर का शोधन करने वाले एसटीपी से मंडुवाडीह, महमूरगंज, धमरिया, लोहता, बरकेा आदि इलाकों का सीवर नाले से होकर वरुणा में जा रहा है। वर्तमान में गोइठहा एसटीपी से 120 एमएलडी, दीनापुर एसटीपी से 140 एमएलडी, गोइठहां में 80 एमएलडी, रमना एसटीपी से 50 एमएलडी, रामनगर एसटीपी से 10 एमएलडी, भगवानपुर एसटीपी से 10 एमएलडी, बरेका एसटीपी से 12 एमएलडी, बीएचयू एसटीपी से 10 एमएलडी सीवर का शोधन हो रहा है। इस एसटीपी में दुर्गा नाले के सीवर को भेजा जाएगा।
इसके लिए कुछ जगहों पर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके जरिये सीवर को एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। वहां पर सीवर शोधन के बाद ट्रीटेट वाटर ही वरुणा में जाएगा। बाकी यहां सीवर से निकलने वाले अपशिष्ट से खाद का निर्माण किया जाएगा।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया वरुणा नदी के पास एसटीपी बनाया जाएगा। यहां दुर्गा नाले का सीवर गिरता है। उसी के पास इस एसटीपी का निर्माण करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसकी लागत 274.31 करोड़ रुपये है। पिछले दिनों लखनऊ में हुई नमामि गंगे की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है।