डीएसपी विनोद सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों द्वारा प्रश्न पत्रों को मोबाइल से स्कैन करने के बाद हल कर डेढ़ लाख रुपये में परीक्षार्थियों को बेचने की योजना थी। गिरफ्तार अजीत के मोबाइल में पत्रों के सी और डी सेट के कुल 50 पेज बरामद किए गए हैं और कुछ पत्रों के प्रिंटिंग पत्र भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार पारस कुशवाहा इसके पहले भी वर्ष 2016 में यूपी पॉलिटेक्निक एंट्रेंस परीक्षा प्रकरण में भी जेल जा चुका है।