पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं और कलश का विसर्जन गंगा तट पर बने गंगा सरोवरों और शहर में चिह्नित तालाबों, कुंडों में गुरुवार को होगा। विसर्जन के लिए विश्व सुंदरी पुल के नीचे, खिड़किया घाट और रामनगर में गंगा सरोवर बनवाए गए हैं।
साथ ही नौ तालाब और कुंड भी विसर्जन के लिए तैयार कराए गए हैं। विसर्जन पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित रखनेे के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से विसर्जन जुलूस पर नजर रखी जाएगी। अर्धसैनिक बलों के अलावा तीन हजार से अधिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बताया कि विसर्जन के दिन पूरे शहर में निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए शहर को 32 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पुलिस ने शहर में 40 अस्थायी पिकेट भी बनाए हैं। बताया कि विसर्जन जुलूस में लाउडस्पीकर और डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित किया गया है और कुछेक मार्गों पर यातायात को परिवर्तित किया गया है।
डीएम ने बताया कि निर्धारित कुंडों और तालाबों में व्यवस्थित तरीके से विसर्जन की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। क्षेत्रीय कोटेदारों, व्यापारियों, लेखपालों, कानूनगो, नायब तहसीलदारों को सक्रिय रहकर अराजक तत्वों पर नजर रखने को भी कहा गया है। डीएम ने बुधवार को विकास भवन में हुई बैठक में सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन क्षेत्र के चिह्नित कुंडों, तालाबों में अपनी देखरेख में कराएं।