राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी
- फोटो : amar ujala
दुराचारियों को बीच बाजार फांसी दी जाए या आजीवन कारावास हो या फिर ऐसी सजा मिले कि वे पुरुष कहलाने लायक ही न रह जाएं। बनारस में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने रविवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा कि यह उनका निजी विचार है लेकिन कानून इतना सख्त होना चाहिए कि लोग इस तरह के अपराध करने से डरें। चौधरी ने कहा कि पुराने समय में चोरी करने वाले को सरेआम चौराहे पर खड़ा कर दोनों हाथ काट दिए जाते थे। इससे लोग डरते थे और अपराध कम होता था। दुराचार, छेड़खानी सहित अन्य गंभीर अपराध करने वालों के साथ ऐसी ही सख्ती की जरूरत मौजूदा समय में भी है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार अपराधियों पर लगातार नकेल कस रही है। प्रदेश में इसका असर दिख रहा है। उन्होंने बताया कि महिला आयोग महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
अस्पताल, वृद्धा आश्रम और जेल आदि का निरीक्षण कर खामियों को दूर किया जा रहा है। महिलाएं अपने बच्चों को संस्कारी बनाएं। बच्चों के अंदर ऐसी सोच विकसित करें कि समाज की लड़कियों का सम्मान करें और उन्हें अपनी बहन-बेटी के नजरिये से देखें। पुरुषों की सोच सकारात्मक रहेगी तो महिलाएं समाज में सुरक्षित रहेंगी।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के सामने खुली पोल
महिला अस्पताल में निरीक्षण करती अंजू चौधरी
- फोटो : amar ujala
महिला अस्पताल की पेयजल व्यवस्था खराब है। यहां का पानी पीने लायक नहीं है। ये बातें अस्पताल को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए पहुंची राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने कही। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से खराब व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
दो दिवसीय दौरे पर बनारस आई अंजू चौधरी शाम करीब चार बजे महिला अस्पताल पहुंची। यहां वार्डों में भर्ती महिलाओं से बातचीत कर इलाज, जांच आदि सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद ऑपरेशन थिएटर कक्ष के बाहर पानी आपूर्ति वाले सिस्टम को भी देखा। यहां पहुंचने के बाद शौचालय की जीर्णशीर्ण दशा और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था ठीक न मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
यहां जांच के बाद पता चला कि शुद्ध पेयजल के लिए जो आरओ सिस्टम लगाया गया है, वह लंबे समय से खराब है। शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जो सिस्टम है, उसमें करेंट आ रहा था। पेयजल की व्यवस्था जहां है, वहां से दुर्गंध आ रही थी। सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं थी।
कुछ मरीजों के परिजनों ने तो बाहर से पानी खरीदकर लाने की बात भी कही। इसके लिए उपाध्यक्ष ने व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है, व्यवस्था में सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बताया कि अस्पताल में जितनी महिलाएं आ रही हैं, सबका ऑपरेशन ही किया जा रहा है। यहां नार्मल डिलेवरी वाली कोई मरीज नहीं थी। एक मरीज ने तो पैसा लेने की भी शिकायत की थी।