राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई की जिसमे महिलाओं के सम्बंधित समस्याओं का निस्तारण किया गया,कुल 17 मामले उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया जिन्हें वो सम्बंधित थानों को भेज दी।
कुछ में उन्होनें अधिकारियों से वार्ता कर जल्द आख्या देने को कही,उनके साथ जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय व एसीपी भी मौजूद रहे, उन्होंने सुनवाई के पश्चात दीनदयाल अस्पताल स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण भी किया।
जिसमें उन्होंने आने वाली महिलाओं के विषय मे जानकारी ली साथ ही कॉउंसलिंग के लिए कुल आये मामले व उनकी प्रगति रिपोर्ट भी देखी,उन्होंने महिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया जिसमें साफ सफाई को लेकर विशेष महत्व देने को कहा।
नवजात शिशु वार्ड में अत्यधिक कूलिंग को लेकर कहा कि उसका तापमान इस तरह होना चाहिए जिससे जच्चा व बच्चा को नुकसान न हो।उन्होंने जिला जेल से आई एक महिला बंदी से भी बातचीत की जिन्हें अस्पताल में ही डिलेवरी हुई है।
उससे उन्होंने पूछा कि कैसे जेल जाना हुआ जिसमें जेल से आई महिला बंदी ने बताया कि उसकी देवरानी ने आत्महत्या कर ली जिसके कारण उसका पूरा परिवार जेल काट रहा है।उन्होंने अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ सुरेंद्र प्रताप शाही को निर्देशित किया कि बंदी का ध्यान रखें, उन्होंने अस्पताल में हो रहे मेडिको लीगल की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की।
जनसुनवाई में दो महीने के बाद भी अभी तक चौबेपुर पुलिस द्वारा नहीं की गई मुकदमा दर्ज न करने पर पूछताछ की और फटकार लगाई
राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने महिला आयोग द्वारा सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान बलिया जिला से आई बृद्ध महिला सुशीला देवी नें ये आरोप लगाया की पुलिस द्वारा आरोपी पर अभी तक मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया पूछे जाने पर ये बताया जाता है की अभी जांच हो रही है।
उनका कहना है की कौन सी जांच है जो अभी लगभग दो महीना होने जा रहा है और अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो कार्यवाही कब होगा और न्याय कब तक मिलेगा?