मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विंध्याचल को विकास प्राधिकरण के गठन की अनुमति दे दी। इसके बाद मिर्जापुर के साथ ही विंध्याचल का भी चतुर्दिक विकास होगा। विंध्याचल विकास प्राधिकरण बनने के बाद 68 गांवों में विकास की बयार बहेगी।
नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि तेेजी से बढ़ती हुई आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सीमित अधिकार और संसाधन के कारण शहर का समुचित विकास नहीं हो पा रहा था। विकास प्राधिकरण बनने के बाद विकास में गति आएगी।
प्राधिकरण बनने के बाद संसाधन और शक्ति बढ़ेगी। विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों की शक्तियां बढे़गी। क्षेत्र का सुनियोजित तरीके से विकास होगा। इससे हाउसिंग स्कीम, डेवलपमेंट प्रोजेक्ट आदि विकास कार्य होगा।
शासन द्वारा विंध्याचल विकास प्राधिकरण के गठन की अनुमति दिए जाने से पूर्व इसके पास केवल विंध्याचल का विकास करने का पावर था। बजट भी शासन से नहीं मिल रहा था। इससे यह विभाग बौना साबित हो रहा था।
अब 68 गांवों को दायरे में लाने की अनुमति दिए जाने के बाद इसका दायरा काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही बजट भी बेहतर मिलेेगा। इससे इन गांवों का विकास करने में काफी सुविधा मिलेगी।