प्रो. पीवी राजीव के अनुसार स्टार्टअप के फेल होने के पीछे कई वजह हैं। युवा उद्यमियों को पता ही नहीं है कि स्टार्टअप के लिए लोन लेना है या इक्विटी, वे इसमें ही भ्रमित रहते हैं। दूसरी बात कि जब आपने आइडिया दिया तो तब वह यूनिक था लेकिन उसके उत्पाद की शक्ल में आते-आते पुराना पड़ गया।
कई उत्पादों के बाजार बनारस में नहीं है लेकिन बंगलूरू में हैं। इसके लिए उनकी सेवाओं और उत्पादों को काशी के बजाय उन शहरों से जोड़ा गया। युवा अभी भी बिजनेस शुरू तो कर देते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता कि बिजनेस को कैसे आगे बढ़ाया जाए। वे उत्पाद की जरूरतों को पूरी तरह से नहीं समझ पा रहे। कई स्टार्टअप को टिकने में 3-4 साल तक लग गए। बाजार के अनुसार बदलने पर ही आय जुटा पा रहे हैं। इन सभी बिंदुओं पर बीएचयू में युवाओं और विशेषज्ञों के बीच संवाद होगा।