संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। हमारे घर परंपरागत रूप से पुरुष ही कुश्ती खेलते थे, लेकिन दंगल फिल्म आने के बाद पिता ने हमें कुश्ती में उतारा और पहले ही वर्ष हमनें कुश्ती में पदक जीता। यह बातें कुश्ती की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छह स्वर्ण पदक जीतकर काशी का लोहा मनवा चुकीं कुश्ती खिलाड़ी कशिश यादव ने सोमवार को कहीं। वह अपनी बहन पलक और भाई करण के साथ तुलसी घाट स्थित अखाड़ा स्वामीनाथ में पारंपरिक के साथ आधुनिक मैट पर अभ्यास करती हैं।
उन्होंने बताया कि घर में कुश्ती का माहौल था लिहाजा हमें कुश्ती के कायदे सीखने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। कशिश प्रादेशिक कुश्ती में 10 स्वर्ण जबकि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छह पदक यानी कुल 16 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। कशिश की छोटी बहन ने भी कुश्ती में अच्छे हाथ आजमाए हैं। इनकी बहन पलक नोएडा में आयोजित अंडर-15 नेशनल में स्वर्ण प्रादेशिक में पांच स्वर्ण समेत कुछ पदक जीत चुकी है। उनके छोटे भाई करण यादव ने स्कूली स्टेट में एक रजत और एक कांस्य जीत चुके हैं।