इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि उन्होंने शिकायत फीडबैक टीम का गठन किया है, जो फरियादी से पूछेगी कि वह समस्या के समाधान और संबंधित पुलिसकर्मी के व्यवहार से संतुष्ट हैं या असंतुष्ट। शिकायत फीडबैक टीम सीधे उनको रिपोर्ट देगी।
रिपोर्ट के आधार पर वह खुद भी कुछ फरियादियों से बात कर उनकी समस्या और समाधान की जानकारी लेंगे। फीडबैक में थानों और चौकी पर तैनात जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर होगी, वह विभागीय कार्रवाई की जद में आएंगे। इस व्यवस्था को जल्द ही जिले में लागू कर दिया जाएगा।
फीडबैक टीम क्या-क्या जानकारी देगी एसएसपी को
एसएसपी की शिकायत फीडबैक टीम उन्हें बताएगी कि 15 दिन/एक माह में कितने फरियादी उनके पास आए थे। इनमें से बिना मोबाइल नंबर वाले कितने प्रार्थना पत्र थे। मोबाइल नंबर बंद बता रहे प्रार्थना पत्र कितने थे। कितने प्रार्थना पत्र पर गलत मोबाइल नंबर दर्ज थे।
जिन फरियादियों से बात हुई, उनमें से कितने संतुष्ट और असंतुष्ट हैं। जिन फरियादियों के पास मोबाइल नंबर नहीं होगा, उनके पते पर एसएसपी की शिकायत फीडबैक टीम के सदस्य जाएंगे और पूछेंगे कि उनकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं हुआ। यदि हुआ तो वह संतुष्ट हैं या असंतुष्ट हैं।
कार्यशैली में सुधार और आमजन की संतुष्टि के लिए लिया गया है निर्णय
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि शिकायत फीडबैक टीम के गठन का निर्णय थानों और चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। हमारा प्रयास यह है कि जो भी फरियादी पुलिस के पास आएं, वह शिकायत के समाधान के साथ ही पुलिसकर्मी के व्यवहार से भी संतुष्ट हों।
शिकायत या समस्या का समाधान कराने के लिए फरियादी को अनावश्यक चौकी या थाने का चक्कर न काटना पड़े। इसके साथ ही शिकायतों के संबंध में खानापूर्ति करने वाले पुलिसकर्मी भी आसानी से पकड़ में आ जाएंगे।