देश की खातिर सीमा पर तैनात जवान दिन रात एक कर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में लगे हैं। उनकी मुश्तैदी से हम सुरक्षित महसूस करते हैं लेकिन इस समय जौनपुर निवासी एसएसबी जवान रमाशंकर ब्लड कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहा है।
बीमारी भी ऐसी कि इलाज टाटा मेमोरियल कैंसर रिसर्च कैंसर या संजय गांधी संस्थान में संभव है। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। मां लाडले के इलाज के लिए रुपयों का इंतजाम करने को लेकर परेशान है।
चिंता इस बात की है कि जवान के इलाज के लिए अभी तक प्रशासनिक अमले की ओर से कोई पहल नहीं की गई।
जौनपुर के मड़ियाहू तहसील के भौरस गांव के मोलई राम पाल के तीन बेटों में सबसे छोटे एसएसबी जवान रमाशंकर को ब्लड कैंसर की शिकायत है।
घरवालों ने बीएचयू सरसुंदर लाल अस्पताल में भर्ती कराया तो चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए टाटा कैंसर संस्थान समेत दो-तीन संस्थानों में जाने सलाह दी। रमाशंकर को डिस्चार्ज कर दिया।
एसएसबी में उसका चयन 2014 में हुआ था। पिछले साल नवंबर में शादी हुई थी। इसी बीच असम के बरपेटा में तैनात रमाशंकर की तबीयत बिगड़ने पर परिवार वालों ने बीएचयू में भर्ती कराया, जहां जांच में ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई।