शांति बनाए रखने और परिसर से बाहर निकलने की अपील करते बार पदाधिकारी।
कचहरी में हैंडग्रेनेड मिलने की सूचना मिलने के बाद हर तरफ खौफ और अफरातफरी का आलम नजर आया। अधिवक्ता और वादकारी, सभी घबराकर इधर-उधर भागने लगे। पुलिस और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ग्रेनेड से खतरा नहीं है और उसे कब्जे में लेकर डिफ्यूज कर दिया गया है लेकिन घबराहट ऐसी कि कोई किसी की सुन नहीं रहा था। बस हर कोई पहले सुरक्षित स्थान पर भागने की कोशिश में था। कुछ ही देर में सभी लोग बाहर निकल गए और कचहरी में सन्नाटा छा गया।
परिसर में चौतरफा सिर्फ पुलिस, पीएसी, एलआईयू, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के जवान दिखाई दे रहे थे। वहीं, कचहरी के चारों गेट के बाहर से अंदर का हाल देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। लोग अपने-अपने तरीके से घटना का विश्लेषण करते रहे। इसके चलते कचहरी के सामने रुक-रुक कर जाम लगता रहा।
बढ़ते तापमान के साथ इस हफ्ते जिले में तेजी से हुई आपराधिक घटनाओं ने पुलिस को सकते में डाल दिया है। गुरुवार की रात सुपारी कारोबारी के मुनीम विद्यानाथ चौरसिया को गोली मारकर पांच लाख रुपये लूटने से शुरू हुआ आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्राइम ब्रांच और सिगरा पुलिस इस मामले की तफ्तीश में जुटी ही हुई थी कि तब तक शुक्रवार को शहर के बड़े उद्यमी राजेंद्र गोयनका के परिवार के टोयोटा शोरूम पर फायरिंग कर दो करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का मामला सामने आ गया। पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ इस मामले की तफ्तीश में जुटी थी तब तक शनिवार को कचहरी में हैंडग्रेनेड मिल गया। ऐसे में तीन दिन में लगातार हुई तीन बड़ी घटनाओं के कारण यह तय नहीं हो पा रहा है कि आखिरकार किस मामले की जांच शुरू की जाए। शनिवार की घटना को लेकर पुलिस, एसटीएफ, एटीएस के जवानों में झुंझलाहट दिखी।
हैंडग्रेनेड का पता लगाकर उसे डिफ्यूज करने वाले बीडीएस के हेड कांस्टेबल विजय बहादुर यादव और विनोद कुमार का शनिवार को मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम राजमणि यादव ने कचहरी पहुंच कर उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही दोनों को पुरस्कृत करने की बात कही। इस दौरान एसएसपी ने बताया कि दोनों जवानों की कुशल कार्यशैली के लिए आईजी जोन एसके भगत ने 12 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। उधर, बार एसोसिएशन की ओर से भी दोनों को सम्मानित करने की बात कही गई।